माँ ! क्या देश के सैनिक ही देश प्रेमी कहलाये है,
हम सब क्या देश को सच्चे मन से नहीं चाहतें है|
क्या करूँ मैं ऐसा जिससे मैं भी देश प्रेमी केहलायुं,
सब देखे मुझें भी गर्व से और मैं इठलायुं |
सोच विचार कर माँ बोली तुम भी हो देश प्रेमी,
बस कुछ काम तुम भी करो और बनो सयानी|
जैसे अपने देश को स्वच्छ रखना पेहला काम,
इसे अपनाओ और दूसरो को भी दो तुम यह ज्ञान |
